A Review Of Goal Setting


बिना किसी ख़ास मकसद के....।  आज गुड्डी का पार्सल मिला है। उसने बहुत ही खूबसूरत स्वेटर बुन कर भेजा है। सफेद रंग का। एकदम नन्हें-से खरगोश की तरह

बेबे बता रही थी कि आजकल दारजी का काम मंदा है। गोलू और बिल्लू मिल कर तीन चार हजार भी नहीं लाते और उसमें से भी

रहा है - नीं गुरनाम कोरे, हुण तेरा मुंडा दोबारा ना जा सके इहदा इंतजाम कर लै। कोई चंगी जई कुड़ी वेख के इन्नू रोकण दा

भी अपनी बात मनवा लेंगे। मेरी तो घर में कोई सुनता ही नहीं। - मुझे नहीं मालूम था गुड्डी, मामला इतना टेढ़ा है। कुछ न कुछ तो करना ही होगा। - जो कुछ भी करना है, आज ही करना होगा, कहीं शाम को सब लोग पहुंच गये लड़की देखने तो बात लौटानी मुश्किल हो जायेगी। - क्या करें फिर.

Detect obstructions. Very last although not the very least, think of what hurdles could stand in just how of reaching your goals. Thinking about this beforehand provides you with a chance to come up with some Thoughts regarding how you are going to get over Those people obstacles.

होऊं। पहले ही दिन तो गले मिल मिल कर रोये थे और दो-चार बातें की थीं, उनमें भी अपनी परेशानियां ज्यादा बता रहे थे। उसके

कांग्रेस में उन्होने एक उत्साही कार्यकर्ता के रूप में काम किया। रतनगढ़ तहसील कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर भी उन्होने अथक परिश्रम से चौधरी साहब को आसीन कराया। जब बीकानेर में असेंबली के चुनाओं की घोषणा website हुई तो समस्त तहसील में उन्होने चौधरी साहब के लिए असेंबली मेम्बर चुने जाने के अपनी सरगर्मी से आसार पैदा कर दिये। चौधरी साहब का भी मेघ सिंह पर पुत्रवत स्नेह रहा और सदैव ही उनके कार्यों और परिश्रम के प्रशंसक रहे। इस समय मेघ सिंह अपने गाँव की तरक्की के लिए पंचायत में पदासीन हैं। वंश परिचय

दिलवा चुके है। मेरी बात पूछो तो मुझे ये रिश्ता कत्तई पसंद नहीं है। हालांकि मैंने अपनी होने वाली भाभी को नहीं देखा है, लेकिन

गी। - पागल हो गया हैं वे पुत्तर, वड्डा भरा बैठा होवे ते छोटेयां दे बारे विच सोचेया वी नीं जा सकदा पुत्तर। तू कुड़ी तां वेख लै। अस्सी

This applies to considerably less overreaching goals too. If your goal is to find out to Participate in guitar, Exactly what does that necessarily mean accurately to you?

तो उन्होंने मेरे कपड़ों, सामान और उन लोगों के लिए लाये सामान से अंदाजा लगा ही लिया होगा कि मैं अब अच्छी खासी जगह पर

वहां भी किसी को अपने सच का एक read more टुकड़ा दिखाया तो किसी को दूसरा। अपनी website छोटी बहन जिसे मिल कर मैं बेहद खुश हुआ हूं,

बहुत जिद करने लगे। मिसेज भसीन बोलने में इतनी अच्छी हैं कि मुझसे मना ही नहीं किया जा सका। इनकार करने की गुंजाइश ही

रखी है। - ये मेरी सौदेबाजी नहीं है तो क्या है दारजी...? - ओये चुप कर बड़ा आया सौदेबाजी वाला .

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